मंगलवार, ९ फरवरी २०१०

थोड़ी सी हल्दी थोडा सी मिर्चा....हमने कर दी चिट्टा चर्चा ...(यशवंत मेहता)...

ललित जी को लगी घर में फटकार
ले ली छुट्टी ब्लॉग्गिंग से उन्होंने इस बार

आराधना जी ने किया ब्लॉगजगत में एक वर्ष पूरा
पहले दिजीये बधाई फिर पढिये चर्चा को पुरा

अवधिया जी गाना सुना रहे हैं
और प्रेमिका-पैसे का सम्बन्ध बता रहे हैं

कुलवंत हैप्पी जी का लाये किसे इस बार
पढिये जरा ध्यान से रश्मि रविजा के विचार

दीपक जी के ले जाते हुये कही पर
देख कर बताइये ये है कौन सा घर

दिल्ली ब्लोगर मिलन का उतरा नही बुखार
अविनाश वाचस्पति लाये है मोबाइल मिलन इस बार

टिप्पी पे टिप्पा अजय झा टिकाये है
हम उनको यहाँ टिकाये है

भोपाल से सरिता जी को सुनिये सरकार
अकेले नौकरशाह नही है जिम्मेदार

यह लम्बा छक्का तो सचिन ने मारा
पर राहुल को धक्का किसने मारा


मिथिलेश दुबे का था एक सवाल
अनिल जी बताते एक गरीब का हाल

जिंदगी एक रेल सी चल रही हैं
क्यूँ बार बार चैन पुलिंग हो रही हैं

अंगूर खट्टे नहीं हैं हुजुर
खजूर आप भी चखिए जरुर

तो कैसी लगी यह चिट्टा चर्चा
खर्च करिए टिप्पणी और बतिय तो ज़रा


13 टिप्पणियाँ:

Suman ने कहा…

nice

महफूज़ अली ने कहा…

बहुत सुंदर चर्चा ....

जी.के. अवधिया ने कहा…

एक नये चर्चा की बेहतरीन शुरुवात!

हमारी शुभकामनाएँ आपके साथ है और हमें विश्वास है कि यह चर्चा अनवरत जारी रहेगी।

अविनाश वाचस्पति ने कहा…

चर्चा का चर्च
मसालेदार मिर्च

RaniVishal ने कहा…

Bahut hi acchi lagi hai ji :)
http://kavyamanjusha.blogspot.com/

महेन्द्र मिश्र ने कहा…

बहुत बढ़िया मस्त चर्चा ....

दीपक 'मशाल' ने कहा…

nyara andaaz hai Yashwant bhai.. shukriya

संगीता पुरी ने कहा…

वाह !!

राजकुमार ग्वालानी ने कहा…

ये चर्चा बड़ी है मस्त-मस्त

Anil Pusadkar ने कहा…

मस्त चर्चा।

rashmi ravija ने कहा…

बढ़िया चर्चा नए अंदाज़ में

shikha varshney ने कहा…

bahut sundar charcha...badhiya andaz

mukti ने कहा…

अच्छी चर्चा. पर, मेरा नाम अनुराधा नहीं आराधना है.

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